गोरखपुर : गोरखपुर के शास्त्री चौक पर स्थित “गोरखपुर प्रेस क्लब” की बिल्डिंग बड़ी आलीशान बनी है । इसी भवन में सूचना कार्यालय भी स्थित है । इस बिल्डिंग को देखने और अंदर जाकर समझने पर पता चलता है कि इस बिल्डिंग में लिफ्ट भी लगी हैं और वातावरण को शीतल बनाये रखने के लिए कई एयर कंडीशन भी लगें हैं.. लेकिन बड़े कमाल की बात यह है कि इस भव्य बिल्डिंग के निर्माण पर खर्च की गई राशि का जिक्र खबरों से लेकर आधिकारिक गलियारों में सार्वजनिक तौर पर कहीं भी दिखाई नही देता । इसकी भव्यता देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि करोड़ रुपयों से नीचे तो यह बिल्डिंग नही बनी होगी ! फिलहाल लिफ्ट टाइल्स और एसी से सुसज्जित इस भव्य बिल्डिंग पर लाल निशान लगा दिया गया है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब यह भव्य बिल्डिंग सड़क चौड़ीकरण की जद में आ चुकी है । बिल्डिंग पर 1.40 मीटर तथा 1 मीटर का लाल निशान लगाया जा चुका है । ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अब यह भव्य बिल्डिंग गिराई जाएगी ? “जिला सूचना अधिकारी” का कहना है कि लाल निशान तो उन्होंने भी देखा है, लेकिन अभी इस संबंध में उन्हें कहीं से कोई पत्र प्राप्त नही हुआ है ।

एक जानकार और “वरिष्ठ पत्रकार” बताते हैं कि यूपी में लगभग सभी “प्रेस क्लब” अपने अपने खर्चों समेत अपने बिजली बिल के भुगतान का खर्च भी स्वयं ही वहन करते हैं, परंतु इस मसले पर “गोरखपुर प्रेस क्लब” की तस्वीर स्पष्ट नहीं है । ऐसी स्थिति में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या इस भव्य बिल्डिंग में स्थित “गोरखपुर प्रेस क्लब” भी अपने हिस्से का किराया सरकार को अदा करता है ? “गोरखपुर प्रेस क्लब” जिन तीन चार एयर कंडिशनों का इस्तेमाल कर रहा है..क्या उसका बिजली भुगतान भी स्वयं अपनी ही आमदनी से करता है ? जिला सूचना अधिकारी “प्रेस क्लब” के किराये संबंधित प्रश्न पर कहते हैं, कि इसकी जानकारी शासन से प्राप्त हो सकेगी । पिछली कार्यकारिणी में सदस्यता,खर्चों और आमदनी को लेकर प्रेस क्लब के अंदर जो आपसी रार मची थी, आखिर उस रार की वास्तविक वजह क्या थी ? क्या प्रेस क्लब की अपनी आमदनी अच्छी खासी है ? और यदि हाँ तो, आखिर ये आमदनी जाती कहाँ है ?

