धंधा, दलाली, दमन और धमकी—जिला अस्पताल के छद्मवेशी दलालों का वसूली लिस्ट वायरल !

गोरखपुर : गोरखपुर जिला अस्पताल में कर्मचारी से मारपीट का मामला हो या, मरीजों के परिजनों से मारपीट का मामला… दवा के दलालों के बीच आपसी मारपीट का मामला हो या फिर अपने विरोधियों को निपटाने का मामला ! जिला अस्पताल में घट चुकी इन सभी घटनाओं ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं । कुछ दिन पहले जिला अस्पताल परिसर में घटित दवा माफियाओं के बीच हुई आपसी मारपीट का मामला पुलिस तक भी पहुँचा था । अंदरूनी जानकारी के अनुसार इन दवा माफियाओं को जिला महिला चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन बी बी सिंह ने संरक्षण दे रखा है । अब तक ज्ञात कुछ तथ्यों तथा प्रमाणों से यह कहा जा सकता है कि दवा माफियाओं को मिले इस संरक्षण का ही परिणाम है कि…. जिला अस्पताल की व्यवस्था में सक्रिय इस टेक्नीशियन के इशारे पर अब तक घटित हो चुकी तमाम मारपीट की घटनाओं को इन मरीज माफियाओं द्वारा अंजाम दिया जाता रहा है ।

इन दवा माफियाओं में सबसे प्रमुख तौर पर जिला अस्पताल परिसर में बराबर मंडराने वाला शख्स गोपाल यादव और गोपाल यादव का खास गुर्गा कुलदीप प्रमुख रूप से शामिल हैं । अपने पदीय शक्तियों का दुरुपयोग कर तत्कालीन SIC ठाकुर साहब  द्वारा गोपाल यादव तथा उसके खास गुर्गे कुलदीप का चयन पहले इंटर्नशिप के लिए किया गया… और बाद में बी बी सिंह के इशारे पर इन गुर्गों को अपने व्यक्तिगत विरोधियों को निपटाने के काम पर लगा दिया गया । गोपाल यादव और उसका खास गुर्गा कुलदीप पहले जिला अस्पताल की इमरजेंसी मे ही ठाट से बैठता था और एक दिन गोपाल यादव 5 हजार रुपये में आयुष्मान कार्ड बनाने का धंधा खोलकर सरकार को चूना लगाने का काम करते हुए सिस्टम वेबसाइट मीडिया के कैमरे में कैद हो गया ।

वीडियो जारी होने के बाद अस्पताल परिसर मे सक्रिय कर्मचारी के इशारे पर गोपाल यादव और उसके खास गुर्गे कुलदीप को इमरजेंसी से हटाकर कुछ दिनों बाद ओपीडी से लिखी जा रही बाहरी दवाओं के धंधे तथा अपने विरोधियों को निपटाने के काम पर लगा दिया गया । अब ये माफिया जिला अस्पताल परिसर में लिखी जा रही बाहरी दवाईयों का ठेका मैनेज करते हैं और मारपीट के लिए आपने साथ चार छह लुक्खों को बराबर साथ लिए सुबह 9 से डेढ़ बजे तक जिला अस्पताल परिसर की ओपीडी टाइम में मंडराते रहते हैं ।

दवा माफिया गोपाल यादव द्वारा अपने खिलाफ खबर का प्रसारण करने वाले मीडियाकर्मी को गोली मारने की धमकी भरा संदेश कुछ दिन पहले किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम से मीडियाकर्मी तक पहुँचाया गया था… और प्रमाण यह भी बताते हैं कि “अभी दो दिन लैब टेक्नीशियन बी बी सिंह के साथ यही दवा माफिया गोपाल यादव और कुलदीप अपने असलहे और गुर्गों के साथ शहर के होटल विवेक में वारदात करने भी पहुँचे थे”। PMO के निर्देश पर जिला अस्पताल के भ्रष्टाचार की जाँच कर रहे मुख्यमंत्री के विशेष सचिव को इस घटना की जानकारी दी जा चुकी है ।  नीचे ऑडियो सुनें…

दूसरी तरफ बात बात में पत्रकारिता के नाम पर ” झूठा रंडीरोना” मचाने वाले कुछ छद्मवेशी महानतम पत्रकारों के इन माफियाओं से हुए लेनदेन की छायाप्रति भी सिस्टम वेबसाइट मीडिया के हाथ लगी है । चूँकि बात धंधे की है ..सो जिला अस्पताल में लगातार मंडराते रहने वाले छद्मवेशी पत्रकार बंधु लोग अपना मुँह और आँखें बन्द किये रहने की कीमत नगद में हर माह इन माफियाओं से लेते रहे हैं । जब लेनदेन के तहत निरंतर चलने वाली इस प्रक्रिया से आपसी हरामखोरी के आत्मविश्वास की नींव मजबूत हो गयी… तब कलमवीरों के मुँह खून लग गया और विकट परिस्थितियों मे यह लेनदेन ऑनलाइन होना भी शुरू हो गया ।

इस खबर के माध्यम से उन छद्मवेशी कलमवीरों को साफ संदेश है कि लेनदेन की प्रक्रिया को नकद में ही जारी रखें..अन्यथा किसी दिन सिस्टम वेबसाइट मीडिया की वॉल पर आपकी मनमोहक तस्वीर नाम पता सहित चस्पा हो जाएगी ।

By systemkasach

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