“सिस्टम वेबसाइट मीडिया” में बतकही नाम से नया अध्याय जोड़ा जा रहा है । यदि आपके आस पास ऐसा कुछ हो रहा है जिसे देखकर आप कुछ बोल भी नही सकते और चुप भी नही राह सकते..तो यह “बतकही” पोस्ट आपके लिए है । “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” को भेजिए और अपना दिल हल्का कर लीजिए ! यह “बतकही” पूरी तरह मनोरंजन के लिए होगा और किसी व्यक्ति विशेष से कोई लेना-देना केवल संयोग माना जायेगा, उद्देश्य व्यंग्य रहेगा—व्यक्ति नहीं ।
बहरहाल, आज की “बतकही” गोरखपुर के “बिच्छू” वाले मोहल्ले से आई है । क्षेत्र में चाय की दुकान से लेकर पीपल के पेड़ के नीचे लगी कुर्सी वाली चौपाल पर चर्चा गरम है—लोग बताते हैं कि तानसेन ने अपने सुरों से अग्नि देव को प्रसन्न कर दिया था लेकिन लगता है हमारे कपूर वाले नेताजी भी कुछ वैसा ही कारनामा करने की तैयारी में थे—बस सुरों की जगह कपूर, तेल और बोरी का सहारा लेकर। हनुमान मंदिर के पास अपनी ही दुकान में नेताजी ने पूरी विधि-विधान से थाली में कपूर सजाया, ऊपर से सरसों के तेल में भीगी बोरी रख दी—मतलब अग्नि देव को निमंत्रण भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ी । लेकिन लगता है अग्नि देव भी कहते होंगे—”भाई, इतने सीधे-सपाट जुगाड़ से तो हम प्रकट नहीं होंगे !”
उधर दुकान मालिक बेचारा अलग ही दुख में डूबा है—कपूर वाले नेताजी महीनों का किराया खाए बैठे हैं और उल्टे दुकान में अग्नि देव का बुलावा भेज रहे हैं । अब या तो दुकान मालिक सच में भोलेनाथ के सबसे बड़े भक्त हैं, या फिर इतने भोलू कि इतनी बड़ी करतूत के बाद भी नेताजी पर कोई कार्रवाई करने को तैयार ही नहीं ।
मोहल्ले में लोग नई चर्चा छेड़ चुके हैं—“नेताजी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं या वार्ड में अग्नि देव की एंट्री ?”लोग कहते हैं, अगर जनता ने गलती से भी इन्हें मौका दे दिया,तो ये वार्ड के हर मोड़ पर थाली में कपूर सजाकर रख देंगे—“अग्नि देव, कृपा बरसाइए” टाइप वाले पोस्टर के साथ ।फिलहाल चुनाव से पहले नेताजी और क्या गुल खिलाएंगे,ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
मोहल्ले वाले पॉपकॉर्न लेकर तैयार बैठ गए हैं क्योंकि कपूर वाले नेताजी की हर नई हरकत पिछले वाले से ज्यादा मनोरंजक होती है ।

