अगर यह “मीडिया” भी मर गया, तो “सच” का “जनाज़ा” कौन उठाएगा?

आप सभी जानते हैं कि “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” किसी कॉरपोरेट घराने, किसी सत्ता-समर्थित पूंजीपति, किसी भ्रष्ट नेता या विज्ञापनदाताओं की बैसाखियों पर खड़ा मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं है । यह मंच जनधन, जनसमर्थन और जनसरोकार के भरोसे पिछले तीन वर्षों से लगातार अपनी लड़ाई लड़ रहा है । पिछले ढाई सालों में “सिस्टम” ने न तो कभी खबर के बदले किसी से समझौता किया…न आर्थिक संकट के समय किसी धनकुबेर के दरवाज़े पर कभी दस्तक दी औऱ न ही किसी भ्रष्ट अफ़सर, नेता या मीडिया हाउस के सामने गिड़गिड़ाने गया । हमने विज्ञापन आधारित, बाजारू और सौदेबाज़ पत्रकारिता के रास्ते को जानबूझकर ठुकराया, क्योंकि हमें विश्वास है कि खबर बिकेगी तो सच मरेगा । आज जब लोकतंत्र हांफ रहा है और पत्रकारिता का चौथा स्तंभ लगभग ढह चुका है…तब “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” उस ढहते स्तंभ को फिर से खड़ा करने का एक ईमानदार प्रयास है । केवल बैठकर “मीडिया मर चुकी है” कहना बहुत आसान है,लेकिन उसे जिंदा रखने के लिए संघर्ष की इस अग्नि में अपनी आर्थिक आहूति देना असली समर्थन है । यदि आप चाहते हैं कि “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” इसी तेवर, इसी बेबाकी और इसी निर्भीकता के साथ आपकी आवाज और सच उठाता, बोलता, लिखता और दिखाता रहे तो आज हमें आपके सहयोग की ज़रूरत है ।

वार्षिक पत्रिका अंक 2026 के लिए सहयोग की अपील

“सिस्टम वेबसाइट मीडिया” की वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन भी अब तक जनधन के सहयोग से ही संभव हो पाया है । अब वार्षिक पत्रिका अंक 2026 का प्रकाशन प्रस्तावित है । इस उद्देश्य के लिए “सिस्टम वेबसाइट मीडिया”अपने पाठकों, शुभचिंतकों और सच के साथ खड़े नागरिकों से आर्थिक सहयोग की अपील करता है । आप ₹5 से लेकर ₹500 तक अपनी क्षमता अनुसार योगदान दे सकते हैं । याद रखिए कि ₹5 की छोटी-सी मदद भी हमारे लिए केवल पैसा नहीं, बल्कि नैतिक समर्थन, विश्वास और साहस का प्रमाण है । आप ₹5 दें या ₹500….रकम छोटी हो सकती है, लेकिन उसका मतलब बहुत बड़ा है । ₹5 का दान बताता है कि आप झूठ के साथ नहीं बल्कि सच के साथ खड़े हैं । ₹5 यह ऐलान है कि पत्रकारिता अभी मरी नहीं है ।

योगदान देने के लिए नीचे दिए गए QR CODE को स्कैन करें, क्योंकि पत्रकारिता को यदि कोई जिंदा रख सकता है…तो वह सिर्फ आप हैं ।

फाउंडर : सिस्टम वेबसाइट मीडिया..

By systemkasach

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का खुद का चेहरा कितना विद्रूप और घिनौना है..ये आप इस पेज पर देख और समझ सकते हैं । एक ऐसा पेज, जो समाज को आईना दिखाने वाले "लोकतंत्र के चौथे स्तंभ" को ही आइना दिखाता है । दूसरों की फर्जी ख़बर छापने वाले यहाँ खुद ख़बर बन जाते हैं ।

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