गोरखपुर : खबर है कि सत्ता की नजदीकी का वर्षों से फर्जी भौकाल टाइट कर जिला महिला अस्पताल गोरखपुर में पिछले ढाई दशकों से भ्रष्टाचार का स्थायी “वारंटी धारक” बने बीबी सिंह की एक नई फ़ाइल आखिरकार खुल ही गई है । कहानी रोचक है, और किरदार दिलफेंक नहीं बल्कि दिल दहला देने वाला है । आमतौर पर हर सरकारी मुलाज़िम का सपना होता है प्रमोशन…लेकिन बीबी सिंह एक ऐसा अद्भुत चरित्र हैं, जिसने राष्ट्रहित में कभी प्रमोशन चाहा ही नहीं ! 26 साल से अधिक की सेवा, लेकिन प्रमोशन का कोई लोभ नहीं क्योंकि प्रमोशन का मतलब था तबादला..और तबादला का मतलब था जिले से बाहर जाना..और जिले से बाहर जाने का मतलब था..भ्रष्टाचार के साम्राज्य का अंत !
जहाँ पद ही नहीं, वहाँ प्रमोशन किस बात का ?

अब नया रहस्योद्घाटन यह है कि महिला जिला चिकित्सालय गोरखपुर में SLT का पद ही नहीं है। ऐसे में अगर बीबी सिंह का प्रमोशन होता, तो उन्हें मजबूरन जिले से बाहर भेजा जाता। इसलिए जनाब ने बड़ी “ईमानदारी” से अपनी काबिलियत की रिपोर्ट आज तक स्वास्थ्य भवन की “दहलीज़” तक पहुँचने ही नहीं दी ।
काबिलियत की ये वही रिपोर्ट, जिसमें अब तक दो बार गंभीर अनियमितताओं में दोषी पाए जाने का रिकॉर्ड है और दो बार शासन से अभियोजन चलाने की संस्तुति भी ! इतनी निष्कलंक छवि कि हर जाँच में दाग और हर दाग पर ढिठई की ढाल ! इसी महापुरुष के इज्जत की दुहाई पर थाना कोतवाली ने 2024 में “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के खिलाफ़ फर्जी मुकदमा लिखा था..और इसी मुकदमे में कोतवाली पुलिस द्वारा भेजी गई बगैर सबूत के चार्जशीट को “कोर्ट” ने बैरंग लौटा दिया था ।
बगैर प्रमोशन के प्रमोशन वाली तनख्वाह !
अब कहानी में असली मोड़ आता है क्योंकि सूत्रों से शासन तक जो सूचना पहुँची है, उसने व्यवस्था के कान खड़े कर दिए हैं । खुलासा यह है कि जनाब ने जुगाड़तंत्र के सहारे बगैर प्रमोशन के ही 5400 ग्रेड पे..यानि वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन की तनख्वाह पिछले कई वर्षों से उठाते चले आ रहे हैं । मतलब साफ है कि यहाँ पद हीं नहीं, और प्रमोशन भी नहीं लेकिन फिर भी प्रमोशन की तनख्वाह घोंटते रहे ! अब इस संगीन वित्तीय अनियमितता की जाँच खुल चुकी है..बस भेद खुलना बाकी है ।

रिटायरमेंट भी सुरक्षित नहीं…
जनाब का अप्रैल 2026 में रिटायरमेंट है,लेकिन हालात बता रहे हैं कि यह विदाई फूलों की सेज नहीं,बल्कि फाइलों, FIR और वसूली नोटिसों के बीच होने वाली है । प्रचलित जाँचें और रिपोर्टें साफ संकेत दे रही हैं कि भारी-भरकम सेवानिवृत्ति लाभ अटक सकता है ! 5400 ग्रेड पे प्रकरण में तथ्य साबित होने पर FIR तय मानी जा रही है और सरकारी धन की वसूली भी ! यानी रिटायरमेंट के बाद भी कटोरा खाली रहने की प्रबल संभावना है ।
अहंकार ने खोल दी कुंडली..
कहा जा रहा है कि यह सब यूँ ही चलता रहता ! फर्जी “वर्चस्व” भी, “जुगाड़” भी, और “भय का साम्राज्य” भी ! अगर एक दिन बीबी सिंह ने एक पत्रकार से यह न कहा होता कि “बड़े-बड़े पत्रकार मेरा जूता चमकाते हैं औऱ जो चाहता हूँ वही यहाँ होता है..तुम्हारी क्या हैसियत है ?” बस,यहीं से मामला फँस गया । “रीढ़विहीन पत्रकारिता” के कई “पुरोहितों” को भले यह बात न चुभी हो, लेकिन उस पत्रकार के “स्वाभिमान” को यह “अहंकार” चुभ गया और नतीजा आज सबके सामने है ।
निष्कर्ष…
कई निपट चुके हैं..कई निपट रहे हैं.. और कई निपटने की कतार में हैं । हालात देखकर तो यही लगता है कि अब न केवल भ्रष्टाचार का साम्राज्य डगमगा रहा है, बल्कि रिटायरमेंट भी सुरक्षित नहीं है । यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है बल्कि यह उस “व्यवस्था का आईना” है…जहाँ वर्षों तक “गलत आदमी” सही कुर्सी पर बैठा रहता है और “सही सवाल” पूछने वाले पर आंखें तरेरी जाती हैं ।

