गोरखपुर : यह सिर्फ एक “खबर”⚔️ नहीं बल्कि 25 वर्षों से जमे उस नेक्सस और उस “सड़े” हुए “साम्राज्य” के पतन की कहानी है, जिसने एक सरकारी अस्पताल को अपनी निजी “जागीर” बना लिया था । सरकारी अस्पताल के भीतर उपजे हर विवाद की “जड़” में जो “भ्रष्टाचार” का “जाल” फैला था, आज उसका परिणाम खुलकर सामने है । मक्कारी, झूठ, फरेब भ्रष्टाचार और व्यवस्था के “दंभ” पर टिका वह नेक्सस….जो 25 सालों से जिला अस्पताल से लेकर महिला जिला अस्पताल तक सब कुछ नियंत्रित कर रहा था…आज “नेस्तनाबूत” हो चुका है । यह पतन अचानक नहीं हुआ बल्कि यह ढाई साल की लगातार लड़ाई का “परिणाम” है । देखें पिछली वीडियो रिपोर्ट !
साजिश,फरेब और फर्जी मुकदमे का हथियार !
जब “चारण-भाँट” पत्रकारों के सहारे भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा था…जब “झूठ” को “खबर” और “सच” को “अपराध” बनाने की कोशिश हो रही थी…तब “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” ने न सिर्फ सवाल उठाए, बल्कि “सबूतों” के साथ उस पूरे खेल को बेनकाब किया । सारे नियम-कानूनों को धत्ता बताते हुए महिला जिला चिकित्सालय में 25 वर्षों से जमे “बी.बी. सिंह” ने अपने उच्च संपर्कों के जरिये सरकारी अस्पताल की पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से “हाईजैक” कर रखा था । बी बी सिंह की छत्रछाया में एक पूरा नेटवर्क जो काम कर रहा था उस नेटवर्क में डॉ. बी.के. सुमन से लेकर शेष चौधरी तक और तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक राजेन्द्र ठाकुर से लेकर अजय सिंह तक शामिल थे । जब इस “नेक्सस” का खुलासा हुआ, तो जवाब में “सच” का सामना नहीं किया गया बल्कि धमकी, हमले और फर्जी मुकदमों को हथियार बनाया गया । उच्च संपर्कों का इस्तेमाल कर “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के “फाउंडर” पर 2024 में मुकदमा दर्ज कराया गया । देखें मुकदमे कॉपी !
शासन की जाँच ने जमीन सरका दी !
शासन की जाँच शुरू हुई और एक-एक कर परतें खुलती चली गईं । तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक राजेन्द्र ठाकुर ही सिर्फ कुर्सी से नहीं हटाए गए बल्कि अजय सिंह के “कमीशनखोरी” की जाँच खुली ! शेष चौधरी “दोषी” करार दिए गए… और डॉ. सुमन 25 साल की तैनाती, कमीशनबाजी और प्राइवेट प्रैक्टिस के मामलों में “जांच” के घेरे में आए ! नतीजा यह हुआ कि इस पूरे खेल के मुख्य किरदार बी.बी. सिंह को “आत्मसमर्पण” करना पड़ा । अपने आपको और अपने “रिटायरमेंट” को बचाने के लिए 2024 में “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के “फाउंडर” के खिलाफ़ दर्ज कराए गये अपने फर्जी मुकदमे को लेकर बी.बी. सिंह ने “कप्तान साहब” से खेद प्रकट करते हुए पत्र भेजा है । देखें बी बी सिंह का पत्र !
कूटरचित सबूत से चार्जशीट तक ! पुलिसिया खेल कोर्ट में बेनकाब !
ठीक ऊपर दिए गए PDF में मुकदमे का वह “मजमून” है जिसमे दावा किया गया था कि FIR के बाद सबूत के तौर पर “पेन ड्राइव” और “चैट्स” दिए जाएंगे । लेकिन “सच” यह है कि जिस “पेन ड्राइव” और “चैट्स” को अहम “सबूत” बताकर “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के “फाउंडर” पर 2024 में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था..वास्तव में वैसा कोई “पेन ड्राइव” और “चैट्स” अस्तित्व में था ही नहीं ! फिर भी इस फर्जी मुकदमे को खड़ा करने के लिए कोतवाली पुलिस ने फर्जी तौर पर “चार्जशीट” गढ़ी और उसे “कोर्ट” भेजा । “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के पास उपलब्ध मुकदमे के विवेचक “दीप मंजरी पांडे” की “कॉल रिकॉर्डिंग” से यह पता चलता है कि इस मुकदमे की विवेचना में “फर्जीवाड़ा” करने के लिए “विवेचक” दीप मंजरी पांडेय ने सिर्फ “डेढ़ लाख” रुपये के समान का लेन-देन ही नहीं किया, बल्कि “विवेचना” के दौरान “कूटरचित दस्तावेज” तैयार कर उसे “विवेचना” में संलग्न भी किया । लेकिन जब यह पूरा खेल “कोर्ट” के सामने उजागर हुआ तो “कोर्ट” ने उस फर्जी “चार्जशीट” को “कोतवाली पुलिस” के पास “बैरंग” लौटा दिया । देखे कोर्ट का रिकॉर्ड !
कोतवाली पुलिस की भूमिका पर सवाल ! सबूत कहाँ है और साजिश क्यों ?
अब सवाल यह खड़े होते हैं कि वह “पेन ड्राइव” कहाँ है, जिसे “अहम सबूत” बताकर “सिस्टम वेबसाइट” के “फाउंडर” के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था ? आज वह “पेन ड्राइव” “अदालत” माँग रही है । यदि “पेन ड्राइव” इतना ही “अहम सबूत” था तो “कोतवाली पुलिस” को बगैर “पेन ड्राइव” के फर्जी चार्जशीट “कोर्ट” भेजने की क्या मजबूरी थी ? यदि मुकदमे में कोई “सबूत” नहीं थे तो विवेचक “दीप मंजरी पांडे” ने “कूटरचित दस्तावेज” तैयार करते हुए उसे “सबूत” बनाकर किसके कहने पर “विवेचना” में शामिल किया ? और “सीओ” कोतवाली साहब, “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के “फाउंडर” के खिलाफ हर “साजिशों” और “फर्जी मुकदमों” पर आँख बंद करके अपने “हस्ताक्षर” क्यों बनाते रहे ? कोतवाली पुलिस को इन सवालोँ का जवाब तो देना ही पड़ेगा ! और जवाब तो “हिंदुस्तान अखबार” के उस “चारणभाँट” पत्रकार को भी देना होगा जिसने “बी बी सिंह” के इशारे पर इस फर्जी मुकदमे को “हेडलाइन” बनाकर छापा था । आखिर आज बी बी सिंह द्वारा कप्तान साहब को भेजे गए पत्र ” को छापने में उस “मुँहचोर” और “चारणभाँट” को “शर्म” क्यों आ रही है । देखें 2024 में हिंदुस्तान के चारणभाँट पत्रकार द्वारा मुक़दमे की प्रकाशित ख़बर !
रिश्तेदारी का राज और प्राइवेट प्रैक्टिस का वीडियो !
बहुत कम ही लोग जानते हैं कि “डॉक्टर सुमन” और बीबी सिंह का रिश्ता सिर्फ “सहकर्मी” का ही नहीं बल्कि एक “विवाह” के कारण रिश्तेदारी का भी है । डॉक्टर “सुमन” पर जब “सरकार” की पीठ में छुरा घोंपकर “प्राइवेट प्रैक्टिस” कर “माल बटोरने” की जाँच शुरू हुई तो “सुमन साहब” के पैरों के नीचे की “जमीन” खिसक गई । देखें वीडियो !
डॉ सुमन भी चले बीबी सिंह के नक्शे कदम पर !
डॉक्टर सुमन ने भी अपनी “चोरी” पर चुप रहने की बजाय बी बी सिंह के “नक्शे क़दम” पर चलते हुए “धूर्तता” और “सीनाजोरी” शुरु कर दी । बी बी सिंह के इशारे पर दिनाँक 13 अगस्त 2025 को डॉक्टर सुमन ने अधिकारियों को अपनी “इज्जत” की झूठी “दुहाई” देकर “गुमराह” करने का प्रयास करते हुए “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की । देखें डॉक्टर सुमन की “थेथरई” !
डॉक्टर सुमन के खिलाफ सबूतों की टोकरी !
जिस डॉक्टर सुमन के “प्राइवेट प्रैक्टिस” के वीडियो जाँच समिति के समक्ष मौजूद हैं….जिस डॉक्टर सुमन के विरुद्ध सामानों की खरीदारी में “कमीशन बाजी” को लेकर “डाक्यूमेंट्स” और “ऑडियो” जैसे “साक्ष्य” मौजूद हैं….जिस डॉक्टर सुमन के खिलाफ नियम विरुद्ध तरीक़े से “25 सालों” से एक ही जिले में तैनात रहने के “प्रमाण” मौजूद हैं…वो डॉक्टर सुमन बी बी सिंह की तरह अपने आप को “इज्जतदार” बताते हुए किस मुँह से अपने “इज्जत” की “दुहाई” देकर अधिकारियों को “गुमराह” करने की कोशिश कर रहे थे । भ्रष्टाचार के आरोपी डॉक्टर सुमन के खिलाफ यह “प्रमाण” भी मौजूद हैं कि डॉक्टर सुमन ने गोरखपुर के “गांधी” कहे जाने वाले “डॉक्टर संपूर्णा नंद मल्ल” को “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के खिलाफ “बरगला” कर शहर में धरना प्रदर्शन करवाने की कोशिश की ! बेकार में इतनी “फील्डिंग” मत कीजिये डॉक्टर साहब, क्योंकि आपकी “टीम” का “कप्तान” बुरी तरह से “मैच” हार चुका है…और आप तो अभी ठीक से “बल्ला” भी नहीं “भाँज” पाते हैं ! यकीन मानिए कि एक दिन आपके “जीवन” मे भी ऐसा “वक्त” जरूर आएगा” कि आप भी अपने “कारनामों” का “इजहार” बी बी सिंह की तरह खुद ही अपने “मुँह” से करेंगे । धन्यवाद दीजिये, उस वरिष्ठ “अधिवक्ता” और “पत्रकार” को जिनकी बातों का “सम्मान” रखते हुए आपकी टीम के “कप्तान” को “बख़्श ” दिया गया है । “सिस्टम का सच” के फाउंडर का पत्र देखें !
बी बी सिंह की आजादी का परवाना PDF
सत्यमेव जयते : गुरूर का पतन और सच की जीत !
गुरूर, अहंकार, अत्याचार, मक्कारी, झूठ, फरेब, और भ्रष्टाचार के
“साम्राज्य” का “सूरज” आखिरकार “डूब” रहा है ! जो बड़े “गुरूर” के साथ पत्रकारों से अपनी चप्पल साफ करवाने का “दम्भ” भरते थे…उस “दम्भ” को एक “पत्रकार” द्वारा ही दफन कर दिया गया है । और इस पूरी “लड़ाई” ने एक बात फिर से साबित कर दी है कि “सत्यमेव जयते” कोई “नारा” नहीं बल्कि एक “दीर्घकालिक प्रक्रिया” है । “धीमी” ही सही, लेकिन “अटल” है ! इसलिए जाइए बी.बी. सिंह…..जी लीजिए अपना “बुढापा”, अपनी “जिंदगी” और अपना “रिटायरमेंट”..! क्योंकि अब “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” ने सिर्फ अपनी “खबरों” और “कलम” से ही आपको “आजाद” नहीं किया है बल्कि आपके खिलाफ प्रचलित हर “जाँच” की “पैरवी” को भी “बंद” कर देने का “वचन” दे दिया है ! और यह याद रखिएगा, कि….यह माफी सिर्फ इस बात का “सबूत” है कि “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” को ऐतराज “चोरों” से नहीं….सिर्फ और सिर्फ “सीनाजोरों” है ।
