गोजए व प्रेस क्लब का होगा साझा आयोजन ….फ़िक्र-ओ-फ़न की महफ़िल के साथ शपथ ग्रहण समारोह और अहल-ए-कलम का होगा ख़ास एहतिराम !

गोरखपुर : सच की लौ को हवाओं से बचाते हुए, हर दौर में ज़ुल्मत के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद करने वाली हिंदी पत्रकारिता अपने 200 साल मुकम्मल कर रही है । इस ऐतिहासिक पड़ाव को यादगार बनाने के लिए आगामी 30 मई को गोरखपुर में एक शानदार और पुरअसर कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जहां गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (गोजए), प्रेस क्लब गोरखपुर के साथ मिलकर विचार गोष्ठी (फ़िक्र की महफ़िल) और शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन करेगा । यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि जश्न-ए-सहाफ़त होगा…जहाँ कलम की ताकत, सच की सियासत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का इज़हार पूरे शबाब पर होगा । इस बाबत जानकारी देते हुए गोजए के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की सदारत विश्वस्तरीय ख्याति प्राप्त विद्वान, चिकित्सा विज्ञान में “प्रसाद सिंड्रोम” के प्रणेता और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र प्रो. डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद करेंगे । उनकी शख्सियत इस महफ़िल को एक अलग ही वज़्न और वकार प्रदान करेगी । समारोह में लखनऊ से एक नामचीन शख्सियत बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेगी, जबकि गोष्ठी का विषय प्रवर्तन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कुमार हर्ष करेंगे ।
अहल-ए-कलम का होगा एहतिराम..
इस यादगार मौके पर पत्रकारिता के उन सितारों को नवाज़ा जाएगा जिन्होंने अपनी काबिलियत और जुर्रत से इस पेशे को नई बुलंदियों तक पहुँचाया ।
शफी आजमी : स्व. अरुण कुमार श्रीवास्तव स्मृति प्रतिभा सम्मान
बृजेंद्र नारायण (आकाशवाणी) : स्व. अरविंद शुक्ला प्रतिभा सम्मान
विजय उपाध्याय (लखनऊ) : स्व. अशोक अज्ञात स्मृति प्रतिभा सम्मान
शैलेंद्र श्रीवास्तव (पूर्व, दैनिक जागरण) : बालकृष्ण बजाज स्मृति सम्मान
वहीं, गोजए के सरपरस्त और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एस.पी. त्रिपाठी को बाबू हरिहर प्रसाद सिंह स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाज़ा जाएगा…और साहित्य के क्षेत्र में उभरते नाम पत्रकार मृत्युंजय उपाध्याय नवल को स्वर्गीय अरुण गोरखपुरी स्मृति प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा । इसके अलावा, जमीनी हकीकत से जुड़ी पत्रकारिता की रीढ़ माने जाने वाले वरिष्ठ समाचार पत्र विक्रेता पारसनाथ गुप्त को स्व. डी.के. गुप्त स्मृति प्रतिभा सम्मान दिया जाएगा । कार्यक्रम के दौरान गोजए और प्रेस क्लब गोरखपुर के तमाम पदाधिकारियों को उनके ओहदों के प्रमाण पत्र भी सौंपे जाएंगे, जो संगठन की एकजुटता और मजबूती का प्रतीक होगा ।
आयोजन होगा तारीख़ का आईना…
रत्नाकर सिंह ने बताया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से देश का पहला हिंदी साप्ताहिक “उदंत मार्तंड” पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित किया गया था । वही दिन आज इतिहास के आईने में एक रोशन मिसाल बनकर खड़ा है, और उसी की 200वीं सालगिरह पर यह आयोजन अकीदत और एहतराम के साथ किया जा रहा है । यह आयोजन सिर्फ एक तारीख़ का जश्न नहीं, बल्कि हिम्मत, सच्चाई और बेबाक़ी की उस रवायत का एहतराम है जिसने हर दौर में समाज को आईना दिखाया । गोरखपुर की सरज़मीं पर सजने जा रही है यह महफ़िल, जहां अतीत की विरासत और भविष्य की राह दोनों एक साथ रोशन होंगी ।
“हमारे लफ़्ज़ों में तलवार की धार होती है,
ये कलम यूँ ही नहीं इंक़लाब लिखती है।”
