गोरखपुर : दरगाह पर गुंडई की वीडियो वायरल होते ही दरगाही गुंडों की मनः स्थिति बड़ी विचित्र हो चली है । दरगाह पर वायरल हुई वीडियो ने “डफर” सहित पूरे “डफ़रिस्तान” में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है । सूत्रों के अनुसार, अय्याशियों के गुरु की अगुवाई में दरगाह स्थित “इंसाफ मंत्रालय” की रात भर बैठक चली…जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब सवालों के जवाब देने की बजाय सिर्फ “इंसाफ चाहिए” का नारा लगाया जाएगा । बताया जाता है कि “डफ़रिस्तान” के सूचना विभाग ने सभी प्रवक्ताओं को निर्देश जारी किया है कि…कोई भी कठिन सवाल पूछे जाने पर तुरंत विषय बदल दें…और पंद्रह साल पुराने किसी “मुकदमे” का हवाला देना शुरू कर दें । यदि उससे भी काम न चले…तो व्हाट्सएप्प पर अपनी विशेष योग्यता “चादर-मोदई” का परिचय देते हुए लोकतंत्र बचाने की अपील करें । इसी बीच यह भी खबर है कि “तथ्य” और सबूत नामक संदिग्ध तत्व को “डफ़रिस्तान” की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया गया है । कारण यह बताया गया कि “तथ्य” और सबूत आने से कई वर्षों से चल रही “दंत कथाओं” को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है ।
बैठक के बाद अपने नाम के अनुसार “डफर” ने “फेसबुक” पर हमें “ब्लॉक” कर अपनी “चकबोदी” का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है । बहरहाल जिन भी “व्हाट्सएप्प ग्रुप” ने इस गुंडे की भ्रामक और आपराधिक पोस्ट को अपने “व्हाट्सएप ग्रुप” में जगह दी है…उनके “व्हाट्सअप ग्रुप” के “स्क्रीनशॉट्स” एकत्र किए जा रहे हैं । जैसे पिछली बार “दर्जनों” लोगों के खिलाफ मुकदमा “अदालत” में दर्ज हुआ था…वैसे ही इस बार “डफर” फिर से कईयों को ले डूबेगा ! “डफर” की इन हरकतों के कारण पिछले दो दिनों में अब तक “डफर” को दो पब्लिक व्हाट्सप्प ग्रुप से ग्रुप संचालकों ने “रिमूव” कर दिया है । एक “प्रशासनिक” ग्रुप से “डफर” को दो घूंट कड़वी दवा का “डोज” देते हुए…उस ग्रुप को ओनली एडमिन कर चेतावनी दी गई है…कि आइंदा ऐसा काम नहीं होना चाहिए ।
जब “डफर” और उसके अय्याश आका इक़रार ने पेशेवर औरतें, सुपारी,हनीट्रैप गैंग, गुंडई, धमकी, फर्जी मुकदमे जैसे सारे अस्त्र शस्त्र चलाकर देख लिए…तो अब अचानक से ये भांड 15 साल से अदालत में लंबित मुकदमे में इंसाफ की मशाल सुलगाने निकले हैं ! दरसअल, ये कोई इंसाफ की मशाल नहीं है…बल्कि वो तकलीफ है जिसमे…पेशेवर औरतों के जरिये फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के मामले में अदालत के कसते चले जा रहे शिकंजे से बच निकलने के लिए यह गैंग छटपटा रहा हैं । इनकी दूसरी सबसे बड़ी तकलीफ यह है कि…अब इस गैंग को संरक्षण देने वाले चंद “वर्दीधारियों” के खिलाफ भी जाँच और कार्यवाही की “जमीन” तैयार हो चुकी है…और तीसरी तकलीफ यह है कि दरगाही गैंग के अय्याश आका “इक़रार” की सिर्फ कुर्सी पर ही नहीं…बल्कि जानकारी छिपाकर बनाये गए “पासपोर्ट” और “असलहे” के लाइसेंस नवीनीकरण पर भी अब “संकट” के बादल मंडरा रहे हैं । इन सब तकलीफों के बीच एक “डर” यह भी सता रहा है कि…यदि स्थानीय पुलिस द्वारा “अय्याश आका” के “जघन्य अपराधों” की दबा दी गयी फाइलें…यदि फिर खुल गयी तो…आका को फिर से बैंक रोड पर ठेला लगाकर “बेल्ट” बेचना पड़ेगा ।
मगर “डफर” नहीं सुधरेगा…इसे अब मेरे 15 साल पुराने पारिवारिक मुकदमे में “इंसाफ” चाहिए । इंसाफ चाहिए या इंसाफ होता देख डर लग रहा है..”डफर” ? फिलहाल इस मुकदमे का इंसाफ यह है “डफर” मियाँ कि…जिस महिला के लिए इंसाफ के नाम पर “लालटेन” जलाने निकले हो…वह “लालटेन” न्याय की आंधी में औंधे मुँह गिरकर कब की “फूट” चुकी है । जिस “राख” के ढेर में “चिंगारी” ढूँढने की कोशिश कर रहे हो “डफर”…उस राख के ढेर पर “कचहरी” आने जाने वाली “जनता” कई सालों से “सुसु” कर रही है । उस कहानी के “किरदार” और “मक्कारी” की किताब भी ठीक वैसे ही धू-धू कर जल चुकी है “डफर”…जैसे तुम्हारे दरगाही आका और उसके संरक्षणदाताओं के “अरमान” इस वक्त जल रहे हैं ! अरे अगर कुछ करना ही है तो…कैंट थाने में लिखवाए गए उस “डकैती” के मुकदमे में करो…जो “दरगाह” पर बिरयानी बेचने वाली तुम्हारी “मौसी” ने लिखवाया है ।
क्या अब दरगाही गुंडे मांगेंगे जवाब ?
तुम “दरगाही” गैंग वालों के पास ऐसा कोई सवाल है ही नहीं “डफर”…जिसका मेरे पास सबूत या तथ्यात्मक जवाब न हो । तुम्हारे पास वो “साहस” भी नहीं है “डफर” खान कि मुझसे फोन कर किसी मसले पर जवाब मांग सको । और सबसे बड़ी “बेहयाई” तो यह है कि जवाब भी वो “गुंडे” ही माँग रहे हैं…जिनके पास “दरगाह” पर दिन भर “मुँह” मारने और पुलिस की मौजूदगी में “गुंडई” करने के वायरल वीडियो पर कोई जवाब नहीं है
डफ़रिस्तान और डफर के पास क्या हैं इन सवालों के जवाब
अपने अय्याश आका इक़रार द्वारा “वेश्याबाजी गैंग” चलाने का क्या इनके पास कोई जवाब है ?
जिन दलालों की “साइकिल” खरीदने की औकात न हो..उन्हें बदमाश इक़रार से “स्कूटी” और “बुलेट” किस कृपा के तहत मिली…क्या इस सवाल का कोई जवाब है ?
फर्जी मुकदमों के जरिये लोगों की “जमीन” पर कब्जा करने के मामले में क्या इनके पास कोई जवाब है ?
केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त, जिनके पास पत्रकारिता रजिस्ट्रेशन का RNI है…वो फर्जी हैं…और जो “दरगाह” की आईडी लिए घूम रहे हैं..वो ओरिजनल है…क्या इसका कोई जवाब है ?
दरगाह की आड़ में “अवैध मदरसा” अवैध फंडिंग और देश विरोधी गतिविधियों के संचालन क्या का कोई जवाब इनके पास है ?
खलीलाबाद के चोर और “पेशेवर” बदमाश पर दर्ज जघन्य मुकदमो की फ़ाइल कहाँ गायब हो गयी…क्या इसका कोई जवाब है ?
फर्जी और भ्रामक जानकारी के तहत बदमाश इक़रार के”असलहे” और “पासपोर्ट” के नवीनीकरण पिछले 12 सालों से कराए जाते रहने के मामले पर क्या कोई जवाब है ?
“कोतवाली” थाने में दिन भर दरबार लगाकर ये कौन सी डीलिंग करने बैठते हैं…क्या इसका कोई जवाब है ?
सीओ कोतवाली द्वारा बदमाश इक़रार को बचाने के लिए लगाई गई फर्जी रिपोर्ट के मामलों पर क्या कोई जवाब है ?
सीओ कोतवाली द्वारा पत्रकार का मोबाइल छीनने की घटना पर इनकी पत्रकारिता इनके “अंग विशेष” में “घुसायमान” क्यों हो गयी थी…क्या इसका कोई जवाब है ?
बदमाश इक़रार जैसा “टुच्चा” सीएम के कार्यक्रम में कैसे घुसा..क्या इसका कोई जवाब है ?
जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के कौन कौन से दलाल इक़रार गैंग की “मलाई” चाट रहे हैं…क्या इसका कोई जवाब है ?
आज पाक मुकद्दस दरगाह छटे हुए गुंडों, बदमाशों, दलालों, अय्याशों और आशिक मिजाजों के हवाले क्यों है…क्या इसका कोई जवाब है ?
खुद वक्फ की “संपत्ति” डफर गैंग के गुंडे भोग रहे हैं…इसलिए वक्फ की करोड़ों की जमीन बेचने वाले “रहनुमाओं” पर भी क्या इन “दलालों” के पास कोई जवाब है ?
करोड़ो की “वक्फ” संपत्ति बेचकर खा जाने वाले शख्स के छोटे बेटे की “ताजपोशी” में पूरा “डफर” गैंग और “डफ़रिस्तान” अभी हाल ही में “मुजरा” करके लौटे हैं…लेकिन उस शख्स का बड़ा बेटा कहाँ गया…क्या इसका भी कोई जवाब है ?
वक्फ बोर्ड के नियम के तहत संगीन मुकदमों का आरोपी जब “मुतवल्ली” नहीं बन सकता…तो फिर इक़रार जैसा पेशेवर बदमाश “मुतवल्ली” कैसे बना…क्या इसका कोई जवाब है ?
दरगाह की जमीन “कागजातों” में महज 14 से 15 सौ स्क्वायर फीट है…लेकिन अवैध कब्जा लगभग 5 हजार स्क्वायर फीट पर क्यों है…क्या इसका कोई जवाब है ? अब ये सारे जवाब देने की बजाय चले हैं ये डफ़रिस्तान गैंग चला है इंसाफ मांगने ! दरसअल ये इंसाफ मांगने के लिए नहीं जगे हैं…बल्कि इंसाफ होने की “आहट” को सुनकर बौखला गए हैं । इनकी बौखलाहट इसलिए बढ़ गयी है…क्योंकि लाख साजिशों के बाद भी मेरा कुछ बुरा क्यों नहीं हो रहा ?
लंबित मामलों की चल रही पड़ताल की असलियत
“डफर” कहता हैं कि मुझ पर “अदालत” में लंबित फाइलों से लेकर दर्ज मुकदमों की पड़ताल चल रही है । लेकिन “डफर” यह नहीं जानता कि…ये पड़ताल “हाइकोर्ट” के निर्देश पर मेरे द्वारा दाखिल की गई “याचिका” पर ही चल रही है । ये पड़ताल इसलिए चल रही है “डफर” क्योंकि “हाइकोर्ट” ने जवाब मांगा है…उन फर्जी मुकदमों पर…जो तुम जैसे कुछ “दलालों” की साजिशों का परिणाम रही हैं ! इसलिए “मुग़ालते” में मत रहो “डफर”…तुम तो अपने और अपनों के सिर पर आई मुसीबत पर ही “जश्न” मना रहे हो । यकीन न हो तो गौर से देखो कि इस “याचिका” में उन्ही कोतवाली वाले साहब “छत्रपाल सिंह” का नाम है न…जिनके साथ वही “दरगाह” वाला “गुंडा” बैठा हुआ है…जिसकी वीडियो अभी कल वायरल हुई थी ।

इसलिए कहता हूँ “डफर”…कि बचपन मे ईमानदारी से थोड़ा बहुत भी पढ़ लिख लिए होते…तो “विषय” और वास्तविक “तथ्यों” की जानकारी होती…और तुम्हे मंदिर” से “घन्टा” चुराकर बेचने का “धंधा” नहीं करना पड़ता । अगर ईमानदारी से थोड़ा पढ़ लिख लेते तो…पत्रकारिता का “मुखौटा” लगाकर तुम्हे “दरगाह” की आड़ में बैठे एक “अय्याश” अपराधी का “अंडकोश” नहीं चूमना पड़ता । अगर थोड़ा पढ़ लिख लिए होते “डफर”…तो दो “बोटी” और दो “रोटी” के लिए तुम्हे एक “अय्याश” और बदमाश का “बाउंसर” बनकर दिन भर “दरगाह” पर खड़ा नहीं होना पड़ता ।
डफर ने दागा सवाल…दरगाह पर हुई मारपीट की वीडियो सिस्टम वेबसाइट मीडिया के पास कैसे ?

“सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के पास सिर्फ यह वीडियो ही नहीं बल्कि बहुत कुछ ऐसा है…जो मौत के बाद की स्थिति के लिए भी सर्वदा “सुरक्षित” रख छोड़ी गई हैं । बस यहाँ से वो चीजें तभी बाहर निकलतीं हैं “डफर”…जब उस सम्बंध मे कोई फर्जी रिपोर्ट सामने आ जाती है । “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के पास बहुत कुछ है “डफर”…! जैसे तुम्हारे बदमाश आका की पाकिस्तान तथा इराक, की रिश्तेदारियों और दौरों का विवरण…दूसरों के रुपये के जरिये “दुबई” में करोड़ों का इन्वेस्टमेंट…”सी टूर ट्रेवेल्स” की आड़ में पल रहा “इब्तेदा” कनेक्शन…गोरखपुर के एक पूर्व PPS वर्तमान (प्रमोटेड IPS) के साथ मिलकर बुने गए सारे ताने बानों की हकीकत…! और हाँ…अभी भी तो हर जगह इन्ही पूर्व PPS महोदय से अपनी “पैरवी” में फोन कराता है न तुम्हारा अय्याश आका ? इसलिए ये मत सोच “डफर”…कि “दरगाह” की “गुंडई” की वीडियो “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” तक पहुँची कैसे…? बल्कि यह सोच कि तुम लोगों के “अय्याशी” और “आतंक” से तुम्हारे घर के लोग ही इतने “आजिज” आ चुके हैं कि…वो तंग आकर खुद ही तुम्हारे अय्याशियों की “वीडियो” और दस्तावेज “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” तक पहुँचा दे रहे हैं । यकीन न हो तो अपने “सय्यद सहाब” से पूछ लो…कुछ दिन पहले जनाब अपने घर में बैठकर “व्हाट्सएप्प” पर “इश्क” लड़ा रहे थे…और उसकी “चैटिंग” हम तक पहुँचा दी गयी । आज भी “जर्नलिस्ट प्रेस क्लब” में जितने भी “कर्मकांड” होते हैं…उन सब की वीडियो “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के पास पहुँच ही जाती है “डफर खान” । अवैध निर्माणों के ठेकेदार “कादिर” से लेकर प्रोटीन पाउडर “हेल्थ सप्लीमेंट” की दुकान पर होने वाली “दरगाही गुंडों” की रोजमर्रा की बैठक की “खबर” और “तस्वीर” भी “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के पास पहुँच चुकी है “डफर” ! यहाँ तक कि आज “मुफ्तखोरी” की रोटी तुमलोगों ने कहाँ जाकर तोड़ी…इसकी भी “तस्वीर” यहाँ पहुँच जाती है । यकीन न हो तो देख लो !

दरसअल इसे “खोजी पत्रकारिता” कहते हैं “डफर खान” ! इसे करने के लिए “दरगाह” की नालियों से निकलकर…अपने मुँह में हलक तक अपना हाथ डालते हुए “हरामखोरी” की “उल्टी” करनी पड़ती है । अभी कल “दरगाह” की वायरल वीडियो देखकर एक महिला भी बड़ा परेशान होकर मिलने आयी थी “डफर खान” ! पता नहीं कि “मसला” क्या है ? थोड़ा याद करने की कोशिश करो…आखिर अपने “कुकर्मों” को कोई इतनी जल्दी कैसे भूल सकता है ? वैसे आज गोरखनाथ थाने पर कौन सी “डीलिंग” फैलाने गए थे “डफर खान” ?
डफर ने लिखा कि दरगाह को ही करता है टारगेट..
हिंदुस्तान के खिलाफ नापाक मंसूबे जब भी किसी आतंकी कैम्प में पलते हैं…तब हिंदुस्तान उन आतंकी कैम्पों को टारगेट कर ही लेता है “डफर खान” ! “सिस्टम वेबसाइट मीडिया” के खिलाफ नापाक साजिशें भी उसी पाक”दरगाह” पर तुम जैसे “नापाक” लोगों के नापाक मंसूबों के जरिये बना था…और इसी नापाक मंसूबे के तहत तुमलोगों ने 2024 में बेवजह एक फर्जी मुकदमा थाना कोतवाली में दर्ज कराया था । फिर अब शिकायत कैसी ? अगर तुम लोग आराम से पड़े रहते “दरगाह” के किसी नाले में…तो यकीन मानो कि कोई पूछने नहीं जाता…लेकिन तुमलोगों को तो अपने जीवन में “एडवेंचर” चाहिए था ! तो फिर अब “ऐतराज” कैसा ?

