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उत्तर प्रदेश : सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम आदेश, SP बिजनौर रहे “संजीव त्यागी” का वॉयस सैंपल लिया जाए !

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मार्च 2020 के दौरान दर्ज उस FIR को रद्द कर…

“सिस्टम की सर्जरी जरूरी” :- रवि किशन ने संसद में फर्जी मुकदमों के सौदागरों को ललकारा !

अपने चुटीले अंदाज में सवालों को संसद में उठाने पर अक्सर गोरखपुर के सांसद रवि किशन को सोशल…

“कोडीन कांड” का सच : जब गोरखपुर में खुला, तो मुकदमे बरसे— जब बनारस में खुला, तो हुई हत्या !

प्रदेश आज उस भयावह सच्चाई से रूबरू है जहाँ “लिक्विड कोडीन कफ सिरप” ने मासूम बच्चों की जान…

“साज़िश, फरेब और गोरखधंधा” !”सिस्टम के फ्रेम” में तीनों किरदार !

बीते दिनों एक तथाकथित “पत्रकारिता के महापंडित” ने मुझसे कहा कि “गोरखपुर की पत्रकारिता में “मक्कारी की मिठास”…

दरगाह की आड़ में उभरता क्राइम नेटवर्क : फर्जी केस, हनीट्रैप, संदिग्ध गतिविधि और अवैध फंडिंग : “इकरार गुट” षड्यंत्र के खुल रहे धागे

गोरखपुर : “दरगाह” तथा “धार्मिक आस्था” की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियों का ताना-बाना बुनने वाला “इकरार अहमद” गुट…

“घटियापन” का “ग्रैंड फिनाले”…”अय्याश मुतवल्ली” की जूठन पर पलने वाला…बजा रहा है “बाघ का करेजा” !

गोरखपुर : कहते हैं अक़्ल अगर कभी छुट्टी पर चली जाए तो इंसान अजीब–अजीब “करतब” दिखाने लगता है…

नवाबों की गलियों से “प्रेस क्लब गोरखपुर” की चौखट तक… पत्रकारिता की नीलामी !

बहुत मुश्किल है “पत्रकारिता” तेरा फिर से सँवर जाना… तेरी ज़ुल्फ़ों का पेंच… कभी ख़त्म ही नहीं होता…

“रुत्बा नहीं कानून” — नगर निगम के ‘रंगबाज़’ अभियंता 14 वर्षों के बाद अदालत के शिकंजे में !

गोरखपुर : न्याय मांगने से नही मिलता बल्कि हासिल करना पड़ता है । अपने आप को परम धुरंधर,…

“अब तो सभी को सभी से खतरा है”- प्रयागराज में पत्रकार की चाकुओं से गोदकर हत्या !

प्रयागराज में चाकुओं से गोदकर एक और पत्रकार की पत्रकारिता का किस्सा हमेशा के लिए समाप्त कर दिया…

“सेटिंग पहनिए, हेलमेट नहीं”..क्योंकि गोरखपुर में “कानून” भी पहचान देखता है !

गोरखपुर : चरण चाटन, भाटकालीन पत्रकारिता के नए उत्तंग शिखरों को स्पर्श करती हुई एक और नायाब पोस्ट…

“दरगाह से निकली स्कूटी, अब पहुँच चुकी है प्रेस क्लब ! पत्रकारिता का नया तीर्थस्थल !”

मैं फ़र्ज़ी न्यूज़ दिखाता हूँ… मैं सच को झूठ बनाता हूँ… अपराधी का साथ निभाता हूँ… बिन वेतन…

“आर्किटेक्ट” के वेश में बंटी-बबली ठग : विकास प्राधिकरण की आड़ में “वसूली का नया खेल”

गोरखपुर की गलियों और साइटों पर इन दिनों एक अजीब किस्म का “आर्किटेक्ट” घूम रहा है । कह…